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Karele Ka Juice कैसे बनाया जाता है | जूस पीने के नुकसान।

Karele Ka Juice कैसे बनाया जाता है? करेले का जूस बनाने की विधि बहुत ही आसान है। करेले का जूस बनाने के लिए- रस निकालने की मशीन की आवश्यकता होती है। और आप कुछ ताज़ा करेले और स्वाद बढ़ाने वाले मसाले खरी ले।

Karele Ka Juice कैसे बनाया जाता है

करेले का जूस बनाने से पहले, करेले को पानी से अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद, अब करेले को पतले स्लाइस में काट लें और इसके बीजों को अलग कर दें।
करेले की कड़वाहट को दूर करने के लिए, पानी से भरे कटोरे में थोड़ा नमक मिलाएं और इसे 30 मिनट तक रखें। यह करेले की कड़वाहट को कम करता है।
अब इन स्लाइस को एक ब्लेंडर में बारीक पीस लें।

जब मिश्रण एक महीन पेस्ट बन जाए तो छलनी से छान लें।
अब आपका करेले का जूस पीने के लिए तैयार है।
मिश्रण को फ्रिज में ठंडा भी किया जा सकता है।
पीते समय नींबू, काला नमक, काली मिर्च और अन्य मसालों का उपयोग करें।
आप अपने स्वाद के अनुसार सेब का सिरका, नींबू का रस या पानी आदि भी मिला सकते हैं।

करेले का जूस कब पीना चाहिए

आमतौर पर, Karele Ka Juice पीने का कोई समय निर्धारित नहीं है। लेकिन सुबह खाली पेट करेले का जूस लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके अलावा, आप सुबह का नाश्ता और रात के खाने से आधे घंटे पहले करेले के रस का सेवन कर सकते हैं। और दोपहर के खाने के बाद करेले का जूस ले सकते हैं। या आप अपनी सुविधा के अनुसार दिन में किसी भी समय करेले का जूस ले सकते हैं।

Karele Ka Juice पीने के नुकसान

अन्य खाद्य पदार्थों की तरह, करेले के रस का बहुत अधिक सेवन करने से नुकसान हो सकता है। करेले के रस में उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो अपच, पेट दर्द और दस्त का कारण बन सकता है। गर्भावस्था के दौरान करेले की सब्जी या करेले का जूस नहीं पीना चाहिए, इससे गर्भपात हो सकता है। अगर करेले का जूस लेने से सिरदर्द या पेट दर्द होता है, तो आपको इसका सेवन बंद कर देना चाहिए। आपको डॉक्टर की सलाह के बाद ही करेले का जूस लेना है, अन्यथा इंसुलिन की कमी हो जाएगी। करेले के रस का सेवन करने के बाद कुछ नाश्ता अवश्य करें।

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