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How to convert electric inverter to solar inverter. दोनों में अंतर?

Solar inverter और नॉर्मल इन्वर्टर के अंतर को इस लेख में पढ़ेंगे। इसके अलावा, हम inverterसे जुड़ी मुख्य बातें भी जानेंगे। जैसे – इन्वर्टर कैसे काम करता है? घर पर कौन सा इन्वर्टर लगाना चाहिए ?, सामान्य इन्वर्टर को सोलर इन्वर्टर में कैसे बदलें?

How does the inverter work?

इन्वर्टर कैसे काम करता है? इन्वर्टर AC Supply को डीसी सप्लाई में बदलता है, जिसके बाद यह डीसी करंट को बैटरी में स्टोर करती है। और बाद में जब भी हमारे घर की बिजली की आपूर्ति काट दी जाती है, तो यह इन्वर्टर हमारी बैटरी में डीसी आपूर्ति को एसी में परिवर्तित कर देता है। जिसकी मदद से हम अपने उपकरणों को संचालित करने में सक्षम हैं।

Solar inverter

Electric inverter and Solar inverter में अंतर

सामान्य इन्वर्टर के कार्य – Functions of Electric inverter.

कनवर्टर- Electric इन्वर्टर के अंदर कनवर्टर का कार्य एसी आपूर्ति को डीसी आपूर्ति में बदलना है। तब कनवर्टर से डीसी करंट चार्जर में जाता है, यह चार्जर बैटरी से जुड़ा होता है।

चार्जर- चार्जर बैटरी को चार्ज करता है, और बैटरी पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह सप्लाई को बंद कर देता है। ताकि बैटरी सुरक्षित रहे।

इन्वर्टर- जब भी घर की एसी सप्लाई काट दी जाती है, तो इन्वर्टर चार्ज बैटरी से डीसी सप्लाई को एसी में बदल देता है और घर के इलेक्ट्रिक उपकरण चालू होजाता है।

सोलर इन्वर्टर कैसे काम करता है – How Solar Inverter Works

एक Electric इन्वर्टर के अंदर 3 फ़ंक्शन होते हैं, उसी तरह हमें सौर में 5 फ़ंक्शन मिलते हैं। कनवर्टर, चार्जर, इन्वर्टर – सभी सोलर इन्वर्टर में भी सामान्य इन्वर्टर की तरह तीन कार्य होते हैं.

लेकिन हमें सोलर इन्वर्टर के अंदर 2 कार्य अधिक मिलते हैं। और जिसके कारण, सामान्य इन्वर्टर की तुलना में सोलर इन्वर्टर की कीमत अधिक होती है।

Blocker (अवरोधक )- यदि आप अपने घर में एक सौर पैनल स्थापित करते हैं, तो यह Blocker फ़ंक्शन आपके इन्वर्टर में होना चाहिए। Blocker फ़ंक्शन बैटरी में संग्रहीत बिजली को सौर पैनल में जाने से रोकता है, ताकि बैटरी में संग्रहीत बिजली सौर पैनल द्वारा खर्च न हो।

Charger Controller (चार्जर नियंत्रक )- चार्जर नियंत्रक फ़ंक्शन सामान्य इनवर्टर में नहीं पाया जाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सोलर पैनल कभी भी हमें 24 घंटे बिजली नहीं देता है। यह हमें डीसी करंट तभी देता है जब यह धूप में हो।

मतलब, Solar Panel से बिजली कभी भी सामान रूप में नहीं मिलती है। जैसे – दिन में अधिक, शाम को कम, रात में बिल्कुल बंद। इससे नुकसान हो सकता है। क्योंकि हम सभी जानते हैं कि बैटरी चार्ज करते समय हमें चार्जिंग स्पीड सही रखनी होती है। ताकि बैटरी खराब न हो।

तो चार्जर कंट्रोलर सोलर प्लेट से पावर को कंट्रोल करता है और बैटरी को एक निश्चित गति से चार्ज करता है। जो बैटरी लाइफ को अच्छा रखता है।

घर पर उपयोग करने के लिए कौन सा इन्वर्टर – Which inverter to use at home.

सामान्य इन्वर्टर का उपयोग केवल बैटरी चार्ज करने के लिए कर सकते हैं। लेकिन इसका उपयोग सौर पैनलों के साथ नहीं कर सकते।

सौर इन्वर्टर का उपयोग सामान्य उपयोग और सौर पैनल दोनों के लिए कर सकते हैं।

अगर आप कुछ समय बाद घर पर सोलर प्लेट लेने की सोच रहे हैं, तो आपको पहले से ही सोलर इन्वर्टर लगाना चाहिए।

एक सामान्य इन्वर्टर की कीमत सोलर इन्वर्टर से थोड़ी कम है। Also read:- Solar System Panel क्या हैं? खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें

How to convert electric inverter to solar inverter?

यदि आपके पास पहले से ही घर में एक सामान्य इन्वर्टर है, और आप इसे सौर इन्वर्टर में बदलना चाहते हैं। तो इसके लिए आपको बाजार से सोलर चार्जर कंट्रोलर खरीदना होगा और उसे अपने सामान्य इन्वर्टर से जोड़ना होगा। On Grid, Off Grid, और Hybrid Solar System के Advantage क्या है।

सोलर चार्जर कंट्रोलर बाजार में 2 प्रकार के मौजूद है. There are 2 types of solar charger controller available in the market.

  1. PWM सोलर चार्जर पुरानी तकनीक से बना है, जिसके कारण यह अनावश्यक रूप से कुछ बिजली की खपत करता है। इसकी दक्षता 70% तक बताई गई है।
  2. MPPT सोलर चार्जर आपकी शक्ति को अनावश्यक रूप से बर्बाद नहीं करता है। इसकी दक्षता 90 से 96% बताई गई है, जो हमारे लिए अधिक लाभदायक होगी।

आपसे मेरी राय है कि आपके घर में MPPT सोलर चार्जर लगाया जाना चाहिए।

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