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What is Internal Link Do Follow, No Follow? फायदा यह है

What is Internal Link aur yah किसी साईट के लिए Internal Links कैसे खाश होता है. इसके अलावा एक और Inbound Link होता है. जैसे की Internal Links कहने से ही साफ मालूम होता है, की आपके Website में जितने पोस्ट हैं. उस एक पोस्ट का लिंक किसी दुसरे पोस्ट में हो या लगाये तो वह Internal Links बन जाता है.

इसका उदहारण है. Menu Bar (यह आपके साईट में फिक्स होता है), Popular Post का Link हो गया, Latest Comment का Link हो गया यानि जितने भी Link है. जो आपके साईट के पोस्ट या पेज से जुड़ा हुआ है वह Internal Links कहलाता है.

किसी पोस्ट में Link देने का एक और फायदा यह है, की जब आप कोई नए पोस्ट लिख रहे हो और उसमे कुछ ऐसे वर्ड का इस्तेमाल हुआ जिसे आपने उसके बारे में पहले लिख चुके थे, यानि पुराना पोस्ट. तो इसका लिंक अगर आप उस वर्ड पर देते हो तो विजिटर आपके साईट पर ज्यादा समय देगा. उस चीज को पढने के लिए|

Search Rank के हिशाब से इसका एक और खाश बात यह है. की जब आप पुराने पोस्ट का Link अपने नए पोस्ट में देते हो तो आपके नए पोस्ट से ज्यादा रैंक पुराने पोस्ट को मिलता है.

क्योंकि Search Engine के रोबोट जब आपके नए Post को Index करते है. तो पुराने पोस्ट को ज्यादा अहमियत देते हैं. इसे कहते हैं एक तीर से कई निशाना यानि आपके नए पोस्ट को Rank मिलेगा ही साथ में आपका पुराना पोस्ट भी Index होगा. क्योंकि एक Link के अन्दर एक पूरा पोस्ट/पेज होता है.

External Links वह होता है जैसे आपने कोई टॉपिक लिखा और उसमे कुछ ऐसे शब्द हैं जिनके बारे में आपने नहीं लिखा है लेकिन किसी दुसरे वेबसाइट जैसे -अगर Wikipedia पर है. तो उसका लिंक अपने वेबसाइट के पोस्ट में डालना ही External Links कहलाता है.

  • Inbound Link जैसे की पहले हम पढ़ चुके है, Google Forum के बारे में- यहाँ जाकर टॉपिक सर्च करते हो और उस टॉपिक पर कमेंट कर के अपने वेबसाइट का लिंक दाल देते हो| और वहा से Comment लिंक के through Traffic आ रहा होता है. इसमें Internet के माध्यम से अपने वेबसाइट का लिंक शेयर करते हैं. जैसे Whatsapp, facebook social media का उपयोग कर के.
  • Outbound Link– इसमें हम सिंपल टेक्स्ट message भेज कर लोगो को बताते है. यानि बिना Internet को उपयोग किये.

Links सबसे ज्यादा महत्व पूर्ण होता है, किसी साईट के लीये. आप अपने वेबसाइट पर अपने पुराने पोस्ट का लिंक तो दो ही साथ में दुसरे वेबसाइट पर जाकर वहा कमेन्ट करे और अपना लिंक डाले (Backlinks बनाये)| अगर किसी ने प्रश्न किया है किसी साईट पर अगर आपको पता है और आपके वेबसाइट पर उसका answer है| तो आप अपना लिंक दे कर उसे बता सकते हो की आपका answer यहा मिल जायेगा. तो साईट बनाने के बाद अपने साईट को जल्दी से रैंक में लाने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत लिंक पर करे.

कितनी बार लिंक देनी चाहिए एक आर्टिकल के अन्दर- लिंक आप जीतनी मर्जी उतनी दे सकते हो लेकिन गलत तरीके से नहीं. जैसे पोस्ट लिखते समय किसी मूवी का या SEO या PHP वर्ड आया तो उसका लिंक उसी से मिलता हुआ देना चाहिए. ऐसा नहीं की वर्ड आया SEO का और आपने लिंक दे दिया किसी और का.

Do Follow Link– हमेशा आप Do Follow Link पर comment कर के अपने वेबसाइट का Link दे. इसे आप Back links भी कह सकते हो|

No Follow Link– इससे कोई फायदा नहीं होगा आपको केवल एक लिंक बन जायेगा.

कैसे मालूम करे की कौन सा लिंक Do Follow लिंक है या No Follow Link है. जैसे मई यहा पर एक लिंक बनाता हु.

यह आपका Do Follow Link है.

<a rel=”follow  href=”https://2gbinternet.com/”>2GBInternet.com</a>

यह आपका No Follow Link है, इसमें भी दो condition काम करता है|

<a rel=”nofollow  href=”https://2gbinternet.com/”>2GBInternet.com</a>

rel=”nofollow” इसमें अगर आप अपने ही वेबसाइट का इंटरनल link बनाते हो तो उससे कोई relation नहीं बनेगा और आपके किसी भी internal nofollow को गूगल index नहीं करेगा| इसलिए जब भी कोई व्यक्ति आपके वेबसाइट पर आकर लिंक डालता है तो आप उस लिंक को rel=”external nofollow” बनाये.

rel=”external nofollow” इसका मतलब है, की आपके वेबसाइट के अलावा बाहर का कोई भी link से relation नहीं बनाये.

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