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Sattu Ke Juice Kaise Banaye | सत्तू को त्यार कैसे किया जाये?

Sattu Ke Juice गर्मियों के समय में लोग खाना पीना पसंद करते है, 2020 का गर्मी का महीना भी है तो क्यों नहीं इसके खाने के फायदे और बनाने के विधि के साथ इसमें मौजूद पोषक तत्व के बारे में जानकारी लेते हैं.

Sattu Ke Juice किस मौसम में खाना चाहिए?

गर्मियों में सत्तू का जूस सेवन करने से यह शरीर में शीतलता प्रदान करता है। सत्तू ( Sattu ) को विषेशकर गर्मी के दिनों में खाना बेहद लाभदायक माना जाता है। सत्तू का सेवन करने से गर्मी के कई दुष्प्रभाव एवं लू की चपेट से बचाता है। इसके कई गुणों के कारण गर्मी के दिनों में सत्तू का सेवन कई स्थानों पर किया जाता है। सत्तू यूपी एवं बिहार में काफी प्रसिद्ध है, इन राज्यों के लोगों के अलावा भी अन्य राज्य के लोग भी इसका शरबत बनाकर पीना तथा स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर खाना पसंद करते हैं.

ग्रीष्मकाल में जौ चने के सत्तू को पानी, काला नमक और नींबू के साथ घोलकर पीने से पाचनतंत्र ठीक रहता ही है तथा शरीर में शीतलता भी प्राप्त होती है। चने का सत्तू गर्मी में शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है।सत्तू अपने आप में पूरा आहार है, यह एक सुपाच्य, हल्का, पौष्टिक और शीतल आहार है, इसीलिए इसका सेवन गर्मियों के समय में अवश्य करें।

सत्तू को त्यार कैसे किया जाये?

सत्तू को कई प्रकार के अनाजों से त्यार किया जाता है, जैसे- जौ , चना , गेहूं , अरहर , मटर , खेसारी और भुट्टा आदि को सूखाकर उसे भुना जाता है, और फिर भुने हुए अनाजों को एक साथ मिलाकर, इसे पीस कर त्यार किया जाता हैं।हलाकि जब आप अनाजों को पीसने के लिए त्यार करते हैं तो आप (जौ , चना , गेहूं , अरहर , मटर , खेसारी और भुट्टा) इन अनाजों के अलावा भी दूसरे प्रकार के अनाजों का इस्तेमाल कर सकते हैं या इन सभी अनाजों की मात्रा को कम या ज्यादा कर सकते हैं. वैसे ज्यादातर लोग जौ , चना , गेहूं का ही इस्तेमाल करते हैं. जो की आसानी से उपलब्ध होने के साथ सस्ता भी होता है.

Sattu juice Ke Labh | सत्तू के क्या फायदे हैं?

Sattu को इतना पसंद किए जाने का कारण सिर्फ इसका स्वाद ही नहीं है बल्कि सेहत से जुड़े फायदे भी हैं।गर्मियों की बीमारी से बचने के लिए फल, सब्जी और ठंडे पेय पदार्थ

मेरा लॉजिक यह कहता है की जब हम किसी भी अनाज को पानी से उबालते हैं तो, उस अनाज के सभी पोषक तत्व पानी में चला जाता है. अक्सर आपने कभी सुना होगा की, जब लोग चावल बनाते हैं तो इसके पानी को फेकने के लिए मना करते हैं.

लेकिन जब हम इसे भूनते है तो इन अनाजों के पोषक तत्व बेकार नहीं जाते है. जिससे सत्तू का सेवन करने से भरपूर मात्रा में विटामिन, फैट, प्रोटीन आदि हमारे शरीर को मिलता है, साबुत अनाज का प्रयोग होने से सत्तू फ़ाइबर से भरपूर होता है जो कि पेट के लिए बहुत लाभदायक होता है।

सत्तू के अनमोल फायदे

अगर आपको जल्दी भूख लगाती है या फिर आप लंबे समय तक भूखे नहीं रह पाते हैं, तो ऐसे में सत्तू खाने या फिर इसका शर्बत पीने के बाद लंबे समय तक आपको भूख का एहसास नहीं होगा।

इसमें प्रोटीन मौजूद होने के कारन, सत्तू पेट की गड़बड़ियों को ठीक करता है, लिवर आपका मजबूत होता है और एसिडिटी की भी समस्या नहीं होती है। यही नहीं आसानी से पचने के कारण कब्जियत भी नहीं होती है।

सत्तू में जौ और चने- यह डाइबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अगर आप डाइबिटीज के मरीज हैं तो रोजाना जौ और चने सत्तू को खाए इससे आपके सेहत में फर्क महसूस दिखेगा.

सत्तू जरूर पीयें, यह तुरंत ऊर्जा देने का कार्य करता है, पिने के साथ ही यह आपके एनर्जी को बूस्ट कर देता है, पीकर देखिये आप खुद महसूस करेंगे.

सत्तू किसी तरह का वसा यानि चर्बी को नहीं बनाने देता है, शरीर में.

जौ और चने के मिश्रण से बने सत्तू का सेवन करने से मधुमेह रोग में राहत मिलती है। सत्तू में प्राकृतिक रूप से रक्त शोधन का गुण होता है, जिसकी वजह से ख़ून की गड़बड़ियों से भी बचा जा सकता है।

चने वाले सत्तू में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और मकई वाले सत्तू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है।
जौ से बना सत्तू पाचन में हल्का और सुपाच्य होता है। जौ का सत्तू शीतलता प्रदान करता है, कब्ज़ को दूर करके कफ़ तथा पित्त का शमन करने वाला है।

सत्तू का सेवन स्वाद

सत्तू लोग नमकीन या मीठा दोनों तरह से बनाकर सेवन करते हैं। आप चाहे तो इसमें घी भी मिला सकते है. इसके अलावा आप इसमें जीरा, निम्बू, धनिये का पत्ता, प्याज मिर्च आदि का इस्तेमाल कर सकते है.

सत्तू का लिट्टी भी आप बना सकते है तेल में तलकर या कोयले के चूल्हे पर पका कर, या रोटी की तरह पराठा बनाकर sattu का सेवन कर सकते हैं.

Sattu कब नहीं खाना चाहिए.

सत्तू का सेवन करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखे जैसे – सत्तू का सेवन भोजन के तुरंत बाद कभी भी ना करें भूख लगने पर ही करे. सत्तू अधिक मात्रा में ना खाएं क्योंकि यह शरीर में जाने के बाद फैलता है.

Chana Sattu Nutritional Information Per 100g
Energy 404 Kcal
Protien 24g
Carbohydrate 58g
Total Fat 8g
Calcium 83mg
Iron 49mg/kg
Zinc 39mg/kg
Dietary Fiber 5g

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