in

जीवन के मंत्र – काबू में रखें, भूल जाएं, छोड दें, संतोषी बनिए

इतना छोटा कद रखिए कि सभी आपके साथ बैठ सकें। और इतना बड़ा मन रखिए कि जब आप खड़े हो जाऐं, तो कोई बैठा न रह सके।

शानदार बात – झाड़ू जब तक एक सूत्र में बँधी होती है, तब तक वह “कचरा” साफ करती है।
लेकिन वही झाड़ू जब बिखर जाती है, तो खुद कचरा हो जाती है। इस लिये, हमेशा संगठन से बंधे रहें , बिखर कर कचरा न बनें।

काबू में रखें – प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
काबू में रखें – खाना खाते समय पेट को,
काबू में रखें – किसी के घर जाएं तो आँखों को,
काबू में रखें – महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को,
काबू में रखें – पराया धन देखें तो लालच को,

भूल जाएं – अपनी नेकियों को,
भूल जाएं – दूसरों की गलतियों को,
भूल जाएं – अतीत के कड़वे संस्मरणों को,

छोड दें – दूसरों को नीचा दिखाना,
छोड दें – दूसरों की सफलता से जलना,
छोड दें – दूसरों के धन की चाह रखना,
छोड दें – दूसरों की चुगली करना,
छोड दें – दूसरों की सफलता पर दुखी होना,

​आनंद में  –  वचन मत दीजिये​
​क्रोध में  –  उत्तर मत दीजिये​
​दुःख में  –  निर्णय मत लीजिये​
धीरे बोलिये      – शांति मिलेगी
अहम छोड़िये   –  बड़े बनेंगे
भक्ति कीजिए   –  मुक्ति मिलेगी
विचार कीजिए  –  ज्ञान मिलेगा
सेवा कीजिए    –  शक्ति मिलेगी
सहन कीजिए   –  देवत्व मिलेगा
संतोषी बनिए   –  सुख मिलेगा

कमजोर दिल वाले इस कविता को न पढ़े, रुला देगी ये कविता
वो पिता होता है, वो पिता ही होता है, जो अपने बच्चो को अच्छे विद्यालय में पढ़ाने के लिए दौड भाग करता है…
उधार लाकर donation भरता है, जरूरत पड़ी तो किसी के भी हाथ पैर पड़ता है, वो पिता होता हैं ।।
हर कॉलेज में साथसाथ घूमता है, बच्चे के रहने के लिए होस्टल ढुँढता है, स्वतः फटे कपडे पहनता है और बच्चे के लिए नयी जीन्स टी-शर्ट लाता है, वो पिता होता है ।।
खुद खटारा फोन चलाता है पर, बच्चे के लिए स्मार्ट फोन लाता है, बच्चे की एक आवाज सुनने के लिए, उसके फोन  में पैसा भराता है, वो पिता होता है ।
बच्चे के प्रेम विवाह के निर्णय पर वो नाराज़ होता है और गुस्से में कहता है सब ठीक से देख लिया है ना, “आप कुछ समझते भी है?” यह सुन कर बहुत रोता है, वो पिता होता हैं ।
बेटी की विदाई पर दिल की गहराई से रोता है, मेरी बेटी का ख्याल रखना हाथ जोड़ कर कहता है, वो पिता होता है ।।
पिता का प्यार दिखता नहीं है, सिर्फ महसूस किया जाता है।
माँ पर तो बहुत कविता लिखी गयी है पर पिता पर नहीं।
पिता का प्यार क्या है दुनिया को बता दो।

पापा जब दुखी होते हैं तो माँ की तरह नहीं रोते। शायद इसलिए 90% पापा हार्ट अटैक से मर जाते हैं।
दोस्तों  सही लगे तो जरुर फोरवॅड करना ।।
दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं । देखते हैं अपने पापा के लिए  ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं !

एक दिन एक बहुत बड़े कजूंस सेठ के घर में कोई मेहमान आया कजूंस ने अपने बेटे से कहा, आधा किलो बेहतरीन मीट ले आओ। बेटा बाहर गया और कई घंटों बाद वापस आया।
बेटे ने कहना शुरू किया-” अरे पिताजी, मैं मीट की दुकान पर गया और कसाई से बोला कि सबसे अच्छा मीट दे दो। कसाई ने कहा कि ऐसा मीट दूंगा बिल्कुल मक्खन जैसा।
फिर मैंने सोचा कि क्यों न मक्खन ही ले लूं। मैं मक्खन लेने दुकान गया और बोला कि सबसे बढ़िया मक्खन दो। दुकान वाला बोला कि ऐसा मक्खन दूंगा बिल्कुल शहद जैसा।
मैने सोचा क्यों न शहद ही ले लूं। मै फिर गया शहद वाले के पास और उससे कहा कि सबसे मस्त वाला शहद चाहिए। वो बोला ऐसा शहद दूंगा बिल्कुल पानी जैसा साफ।
तो पिताजी फिर मैंने सोचा कि पानी तो अपने घर पर ही है और मैं चला आया खाली हाथ।
कंजूस बहुत खुश हुआ और अपने बेटे को शाबासी दी। लेकिन तभी उसके मन में कुछ शंका उतपन्न हुई।
“लेकिन बेटे तू इतनी देर घूम कर आया। चप्पल तो घिस गयी होंगी।”
पिताजी ये तो उस मेहमान की चप्पल हैं जो घर पर आया है।

Leave a Reply